रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण 15 नवंबर को सिंधी रीति रिवाजों से शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. यह शादी दो अलग-अलग रीति रिवाजों से हो रही है. 14 नवंबर को यही शादी कोंकणी रीति रिवाजों से हुई थी और अब क्योंकि रणवीर सिंधी हैं तो इसे उनके यहां से रीति रिवाजों से किया जाएगा. हालांकि दोनों की शादी की एक भी तस्वीर अब तक सोशल मीडिया पर नहीं आई है.
इस सबके बीच दीपिका पादुकोण के चचेरे भाई अमित पादुकोण ने ट्विटर पर एक ट्वीट किया. उन्होंने रणवीर का परिवार में स्वागत करते हुए लिखा, "ये जादुई हफ्ता पूरी तरह प्यार में सराबोर रहा है. दो प्यारे और दयालू लोगों की परियों जैसी कहानियां." उन्होंने लिखा, "परिवार में स्वागत है. तुम मुझे एक फिल्मिस्ट कहते हो लेकिन मैं समझौता करने के लिए तैयार हूं."
दीपिका पादुकोण के लिए उन्होंने लिखा, "दीपिका तुम्हें इतना खुश पहले कभी नहीं देखा." दोनों की शादी की तस्वीरें अब तक जारी नहीं की गई हैं. सोशल मीडिया पर पिछले काफी वक्त से दोनों की शादी को लेकर बज चल रहा है. अभी भी दोनों की शादी की तस्वीरों और जानकारी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बातें जारी है. खबर है कि दोनों की शादी के दौरान सोशल मीडिया पर इतने ज्यादा हैश टैग्स बनाए गए हैं जितने अब तक किसी भी बॉलीवुड वेडिंग में नहीं बने हैं.
दोनों की शादी की तस्वीरें लीक नहीं हों इसके लिए कपल्स ने खास सुरक्षा के इंतजाम किए हैं. लेक कोमो के आसपास मौजूद सुरक्षा के अलावा शादी में आने वाले मेहमानों को फोन नहीं लाने और फोन का इंतजार नहीं करने के लिए कहा गया है.
अयोध्या में 25 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की रैली को लेकर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने चिंता जाहिर की है.
राम मंदिर निर्माण को लेकर होने वाले RSS और VHP के कार्यक्रम पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या का मुस्लिम समुदाय अगर ऐसी ही दहशत में रहा, तो मुसलमान अपनी जान की हिफाजत के लिए अयोध्या छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे.
उन्होंने कहा कि अयोध्या में साल 1992 की तरह का एक बार फिर से माहौल बनाया जा रहा है. संघ और वीएचपी ने ऐसे ही भीड़ साल 1992 में इकट्ठा की थी. उस समय कोई भी मुस्लिम मस्जिद बचाने नहीं गया था. इसके बावजूद मुस्लिम समाज के घर और दुकान लूटे गए थे.
इकबाल अंसारी ने कहा कि उस समय मुस्लिम समुदाय के लोगों के कारोबार को तबाह किया गया था. वैसा ही माहौल फिर बनाया जा रहा है. हालांकि हम पहले ही कह चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने को तैयार हैं. ऐसे में अब अयोध्या में भीड़ क्यों इकट्ठा की जा रही है.
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को डराने के मकसद से यहां भीड़ जुटाई जा रही है. आपको बता दें कि बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद मामले की सुनवाई अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. हालांकि साधु-संत और RSS समेत कई हिंदूवादी संगठन राम मंदिर पर संसद में कानून लाने की मांग कर रहे हैं.
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